सहकारी संस्था सदस्यों द्वारा गेहूं अनुसंधान केंद्र का भ्रमण
उज्जैन। भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ की सहकारी शिक्षा क्षेत्रीय परियोजना उज्जैन द्वारा सेवा सहकारी संस्था दताना, सेवा सहकारी संस्था कचनारिया , बीज उत्पादक समिति बोलासा एवं दूध समिति बोलासा  के सदस्य का एक दिवसीय गेहूं अनुसंधान केंद्र इंदौर का भ्रमण कार्यक्रम गेहूं की नवीन प्रजातियों, अनुसंधान कार्य एवं नई प्रजातियां कैसे विकसित होती है के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता लाने के लिए भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

     भ्रमण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्नत बीज के प्रति  जागरूकता लाना जिससे सहकारी सदस्य जोकी कृषक भी  को अधिक उपज मिल सके भ्रमण में  गेहूं की प्रजातियों  जोकि मालवा क्षेत्र उज्जैन, इंदौर और रतलाम जिले में प्रचलित है।

        अनुसंधान केंद्र में प्रदर्शन प्लाट की जानकारी वहां के वैज्ञानिक डॉ मयंक जैन एवं वैज्ञानिक  वसीम खान ने कृषि में उपयोग होने वाले उपकरण  एवं गेहूं की नई प्रजातियों के संग्रहालय कक्ष का भ्रमण करा कर जानकारी दी।

        अनुसंधान केंद्र के प्रशिक्षण कक्ष में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार सिंह जिन्होंने गेहूं की नवीन अनुशंसित प्रजातियां के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए खेती की तैयारी, बीज एवं बुवाई ,पोषक तत्वों का प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन ,सिंचाई व्यवस्था, फसल सुरक्षा कीट एवं मड़ाई एवं भंडारण आदि के विषय में विशेष जानकारी देते हुए संतुलित खाद एवं खाद का क्या अनुपात रहना चाहिए बतलाया।  मालवी गेहूं पर प्रकाश डालते हुए उनकी आवश्यकता एवं उपयोग को बताते हुए कम सिंचाई में अधिक उत्पादन क्षमता कैसे लें पोषण एवं सुरक्षा कैसे हो गेहूं का रोगों से बचाव के साथ रोजगार को बढ़ावा विदेश व्यापार की संभावनाएं मालवीय गेहूं की नई किस्मो की जानकारी देते हुए मालवीय गेहूं की खेती की सफलता के मुख्य आधार क्या रहेंगे ,मालवी गेहूं की खेती को बढ़ावा देने के उपाय आदि पर सदस्यों से गहन चर्चा की।

 अनुसंधान केंद्र के सभा ग्राम में आयोजित संगोष्ठी का संचालन  प्रेम  सिंह झाला ने किया उपस्थित सभी सदस्य एवं अधिकारी का आभार प्रदर्शन" alt="" aria-hidden="true" />